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अनंतनाथ चालीसा

अनन्त चतुष्टय धरी अनंत, अनंत गुणों की खान अनन्त। सर्वशुद्ध ज्ञायक हैं अनन्त, हरण करे मम दोष अनन्त ।।  नगर अयोध्या महा सुखकार, राज्य करे सिं...